स्वस्थ्य होने वाले मरीजों का आंकड़ा हुआ 1100 के पार
खरगोन 25 अगस्त 2020। पिछले 24 घंटे में 26 मरीजों के स्वस्थ्य होते ही जिले में कोरोना से स्वस्थ्य होने वाले मरीजों का आंकड़ा 1100 के पार पहुंच गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोरोना से संक्रमित 22 मरीजों की पुष्टि की गई है। इसके अलावा 26 मरीज स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज हुए। इस तरह जिले में कुल कोरोना से संक्रमित 1341 मरीज है। इनमें 1114 मरीज स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज हुए, 25 की मृत्यू तथा 202 मरीज स्थिर है। पिछले 24 घंटे में 709 सैंपलों की नेगेटिव रिपोर्ट प्राप्त हुई है तथा 637 नए सैंपल जांच के लिए भेजे गए है। जिले में 134 कंटेनमेंट एरिया घोषित है।
खरीफ की फसलों के लिए 31 अगस्त तक किसान करा सकते है बीमा
खरगोन । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत खरीफ मौसम में अधिसूचित फसलों के लिए ऋणी व अऋणी किसान संबंधित बैंकों के 31 अगस्त तक बीमा करा सकते है। कृषि उप संचालक एमएल चौहान ने बताया कि भारत सरकार द्वार खरीफ 2020 से सभी किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को ऐच्छिक किया गया है। बीमित फसलों में जिला स्तर पर उड़द एवं मूंग, तहसील स्तर पर ज्वार, कोदोकुटकी, मूंगफली, तिल व कपास तथा पटवारी स्तर पर धान सिंचित, धान असंचित, सोयाबीन, मक्का, बाजरा एवं अरहर शामिल है। उप संचालक चौहान ने कहा कि खरीफ मौसम में सभी अनाज दलहन, तिलहन फसलों के लिए बीमित राशि का मात्र अधिकतम 2 प्रतिशत प्रीमियम किसानों द्वारा देय है तथा कपास फसल के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम देय है।
कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के संयुक्त दल ने किया गावों में भ्रमण
खरगोन। जिलें में 25 अगस्त तक 657.20 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो गत वर्ष की तुलना में 40.80 मिमी अधिक है। कृषि उप संचालक एमएल चौहान ने बताया कि मंगलवार को कृषि वैज्ञानिको एवं कृषि विभाग के संयुक्त दल द्वारा झिरन्या विकासखंड के ग्राम भावसिंगपुरा, मिठावल, छैंडीया एवं आभापुरी का भ्रमण किया गया तथा किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए अपने खेतो की सतत् निगरानी करने की सलाह दी। साथ ही सोयाबीन की फसल के पत्ते पीले पढकर सुख रहे है, जिसके उपचार के लिए लेमडा सायहेलोथ्रिन 300 एमएल प्रति हेक्टर व थायोमिथाक्सम 125 एमएल प्रति हेक्टर छिड़काव करें। ऐंथ्रोकनोज एवं पर्णदाग के नियंत्रण के लिए हेक्जाकोनाझोल 500 एमएल प्रति हेक्टर के दर से छिडकाव करें। वहीं कपास के पत्ते लाल होने पर 1.5 किलोग्राम डीएपी एवं 1.5 किलोग्राम पोटाश 200 लीटर पानी में घोलकर उसमें 500 ग्राम सूक्ष्म तत्व जिनमें मैगनिज, जिंक, बोरान आदि सूक्ष्म-तत्वो का छिड़काव करें। किसान 3 वर्ष में एक बार मैग्निशियम सल्फेट 5 किलो ग्राम प्रति एकड़ तथा जिंक सल्फेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ के मान से उपयोग करें।
मक्का फसल को फॉल आर्मी वर्म कीट के प्रकोप से बचाने के लिए- जैविक कीटनाशक के रूप में बीटी 1 किग्रा प्रति हेक्टर अथवा बिवेरिया बेसियाना 1.5 लीटर की मात्रा 200-250 लीटर पानी मे मिलाकर प्रति हेक्टर छिडकाव सुबह अथवा शाम के समय करें। लगभग 5 प्रतिशत प्रकोप होने पर रासायनिक कीटनाशक के रूप में फ्लूबेंडामाइट 20 डल्ब्यु डीजी 250 ग्राम प्रति हेक्टयर या स्पाईनोसेड 15 ईसी, 200-250 ग्राम प्रति हेक्टयर या इथीफनप्रॉक्स 10 ईसी 1 लीटर की मात्रा 200-250 लीटर पानी मे मिलाकर प्रति हेक्टर या एमिमोमेकटीन बेंजोएट 5 एसजी का 200 ग्राम प्रति हेक्टरयर में कीट प्रकोप की स्थिति अनुसार 15-20 दिन के अंतराल पर 2 से 3 छिडकाव करें अथवा कार्बोंफ्युरॉन 3 जी 2-3 किग्रा प्रति हेक्टयर का उपयोग करे। प्रथम छिडकाव बुआई के बाद 15 दिन की अवधि में अवश्य करें तथा दानेदार कीटनाशकों का उपयोग पौधे की पोंगली में (5 से 1 दाने प्रति पोंगली) करें।
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