शराब की तस्करी करने वाले आरोपी की जमानत हुइ खारिज
इंदौर। जिला अभियोजन अधिकारी मो. अकरम शेख द्वारा बताया गया कि श्री विकासचन्द्र मिश्र प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महू इंदौर के न्यायालय में थाना महू के अपराध क्रमांक 305/2020 धारा 34(2) आबकारी अधिनियम में जेल में निरूद्व आरोपी हरजीत सिंह छावडा पिता हरपाल सिंह छावडा निवासी गणेशपुरी कॉलोनी खजराना इंदौर के द्वारा जमानत आवेदन पेश किया गया एवं जमानत पर छोडे जाने का निवेदन किया गया। अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री आनन्द नेमा के द्वारा वीसी के माध्यम से उपस्थित होकर जमानत आवेदन का विरोध करते हुए कहा गया कि, अपराध गंभीर प्रकति का हैं यदि आरोपी को जमानत का लाभ दिया गया तो फिर से शराब की तस्करी करेगा तथा आरोपी के फरार होने की भी पूर्ण संभावना हैं। अत: आरोपी का जमानत आवेदन निरस्त किया जायें। माननीय न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्को से सहमत होते हुए आरोपी का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।
अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 13.08.2020 को थाना महू पुलिस को मुखबिर सूचना मिली कि टाटा इंडिका गाडी नं0 एमपी09सी.क्यू.1783 में सिमरोल रोड से गुजरखेडा होते हुए दो व्यक्ति अवैध शराब भरकर महू ला रहें हैं। सूचना पर विश्वास कर महू पुलिस ने गुजरखेडा पुल पर नाकाबंदी कर चैकिंग के दौरान सिमरोल तरफ से आती हुई उक्त नं0 की कार को रोककर चैक किया , पूछताछ करने पर गाडी चालक ने अपना नाम हरजीत सिंह एवं बगल में बैठे व्यक्ति ने अपना नाम अनूप दुआ होना बताया । गाडी की डिग्गी को खुलवाकर चैक करने पर उसमें कुल शराब 51 लीटर पायी गई। आरोपियों से उक्त शराब के परिवहन के संबंध में लाइसेंस की पूछताछ करने पर नही होना व्यक्त किया गया। । उक्त शराब को मौके पर ही जप्त कर एवं मयवाहन सहित आरोपियों को गिरफ्तार कर वापस थाने आए जहा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
ट्रांसपोर्टर के यहां चोरी करने वाले आरोपियों की जमानत हुई खारिज
इंदौर। जिला अभियोजन अधिकारी मो. अकरम शेख द्वारा बताया गया कि, न्यायालय श्री हीरालाल सिसौदिया न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी इंदौर के समक्ष थाना जूनी इंदौर के अप.क्र.401/2020 धारा 457, 380 भादवि में गिरफ्तारशुदा आरोपीगण मे से आरोपी (1) विपिन पिता चंदर उम्र 22 वर्ष निवासी जयहिंद नगर इंदौर (2) राजा पिता राजकुमार उम्र 19 वर्ष निवासी राधा गोविंद का बगीचा इंदौर द्वारा जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया एवं जमानत पर छोडे जाने का निवेदन किया गया। अभियोजन की ओर से एडीपीओ विक्रम राव द्वारा जमानत आवेदन का विरोध करते हुए कहां गया कि यदि आरोपी को जमानत का लाभ दिया गया तो वह पुन: अपराध करेंगें एवं पुन: अपराध को दोहराएगें तथा फरार होने की संभावना है। अत: आरोपी का जमानत आवेदन निरस्त किया जाएं। अभियोजन के तर्को से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।
अभियोजन की कहानी इस प्रकार है कि फरियादी ने थाना आकर रिपोर्ट लेख कराई कि मैं अपने व अपनी पत्नी के नाम से ट्रांसपोर्ट चलाता हूं। जिसकी देखरेख कम्पनी का मेनेजर श्रवण शर्मा व सुनील चौहान करते है दिनांक 20.8.2020 के रात्री 08.00 बजे मेरे दोनों मेनेजर ट्रांसपोर्टो पर ताला लगाकर चले गए थे आज दिनांक 21.08.2020 को सबह 8 बजे मेरी पत्नी के ट्रांसपोर्ट के मेनेजर श्रवण शर्मा ने मुझे फोन पर सूचना दी कि दोनो ट्रांसपोर्टो के शटर के ताले टूटे हूए है मै तुरंत ट्रांसपोर्ट पर आया देखा कि दोनों ट्रांसपोर्टो के ताले टूटे हुए है। मैने अंदर रखे सामानो को चेक किया तो दोनों ट्रांसपोर्टो से कुछ होजरी के सामान के नग , ब्लेकेट के नग व स्वेटर की नग व हार्डवेयर के नग चोरी गए है। कोई अज्ञात चोर मेरे दोनो ट्रासपोर्टो में रात्री में प्रवेश कर चोरी कर ले गए है। रिपोर्ट करने आया हूं कार्यवाही की जावे । उक्त रिपोर्ट पर से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना दौराने आरोपीगण को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर चोरी करना कबूला आरोपीगण को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
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